
सवायजपुर । मुर्बा शहाबुद्दीनपुर गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों का आक्रोश शुक्रवार को खुलकर सामने आ गया। भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दशहरी) के बैनर तले जिलाध्यक्ष प्रमोद सिंह यादव के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने सवायजपुर स्थित चकबंदी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों ने चकबंदी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और धन उगाही के आरोप लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरना दे रहे किसानों ने अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि चकबंदी लेखपाल अरुण कुमार दुबे, चकबंदी कर्ता जितेंद्र कुमार तथा सहायक चकबंदी अधिकारी आलोक मिश्रा ने कथित रूप से मिलीभगत कर किसानों से अवैध वसूली की है। किसानों का कहना है कि सड़क किनारे उपजाऊ भूमि दिलाने, बेहतर चक आवंटन कराने और अन्य चकबंदी संबंधी कार्यों में लाभ पहुंचाने के नाम पर कई किसानों से मोटी रकम ली गई।
किसानों ने मांग की कि आरोपित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही विवादित चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त कर किसानों की आपत्तियों का न्यायपूर्ण समाधान किया जाए।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रमोद सिंह यादव ने कहा कि चकबंदी व्यवस्था किसानों को न्याय दिलाने के लिए बनाई गई है, लेकिन कुछ कर्मचारियों की कार्यशैली से किसानों का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरनास्थल पर मौजूद किसानों ने “भ्रष्टाचार बंद करो”, “किसानों का शोषण बंद करो” और “जब तक न्याय नहीं, तब तक विराम नहीं” जैसे नारे लगाते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया। किसानों का आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई, जिसके कारण अनेक किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।
धरने की सूचना मिलने पर सीओ चकबंदी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। उन्होंने मामले की जांच कराए जाने का आश्वासन दिया, लेकिन किसान आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए और अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक जांच शुरू नहीं होती और आरोपित अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए बड़ी संख्या में किसान और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।









