
रिपोर्ट भरखनी ब्लॉक संवाददाता श्याम पाल सिंह
सूखा भूसा निगल रहीं कमजोर गायें, चरनियों में बैठे कंकाल गंदगी के ढेर में तड़प-तड़प कर मर रहे बेजुबान
हरदोई ब्लॉक भरखनी की ग्राम सभा गौशाला में अव्यवस्थाओं ने ‘गौवंश की कब्रगाह’ का रूप ले लिया है। अंदर का नजारा रोंगटे खड़े कर देने वाला है। दो गायों की सड़ी-गली लाशें पड़ी मिलीं। एक शव को आवारा कुत्तों का झुंड नोच-नोच कर खा रहा था। पूरे गौशाला परिसर में गंदगी का साम्राज्य है, मानो महीनों से झाड़ू तक न लगी हो।
गौशाला में हरे चारे का एक तिनका तक नहीं। भूख से बेहाल गायें सूखा भूसा निगलने को मजबूर हैं। जिन चरनियों में चारा होना चाहिए, उनमें हड्डियों के ढांचे बने पशु बैठे मिले। दाना-हरी घास न मिलने से गायें कंकाल बन चुकी हैं।
लोगों ने कहा कि चारे-पानी के अभाव और बदइंतजामी के चलते बेजुबान तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे हैं। गौशाला में हर रोज मौत का तांडव हो रहा है। गौसेवा के नाम पर चल रहे इस ‘कत्लखाने’ को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। सवाल यही है कि गौवंश के लिए आई सरकारी रकम आखिर जा कहां रही है









