
कन्नौज आगामी मानसून सत्र के दृष्टिगत संभावित बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने तथा राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का व्यापक आकलन करने हेतु जनपद कन्नौज में दिनांक 11 जून 2026 को वृहद स्तर पर “बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज” आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण पूर्वाभ्यास को सफलतापूर्वक एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास एवं अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) देवेन्द्र सिंह की संयुक्त उपस्थिति में एनआईसी सभागार में संबंधित विभागों की अभिमुखीकरण एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों एवं हितधारकों को उनकी भूमिका एवं जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए विभागीय समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता तथा तंत्र की सक्रियता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
अपर जिलाधिकारी देवेन्द्र सिंह ने कहा कि आपदा प्रबंधन में समयबद्ध प्रतिक्रिया (Response Time) एवं विभागीय समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य केवल संसाधनों का परीक्षण करना नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों की कार्यकुशलता, तत्परता एवं आपसी समन्वय को व्यवहारिक रूप से परखना भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस, पीएसी, राजस्व, स्वास्थ्य, विद्युत, अग्निशमन, सिंचाई, पशुपालन तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) सहित सभी विभाग एकीकृत टीम के रूप में कार्य करें।
बैठक के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ/एसडीआरएफ अथवा पीएसी फ्लड यूनिट के साथ स्थानीय गोताखोरों एवं नाविकों की मैपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित किए जाने वाले राहत शिविरों एवं बाढ़ चौकियों पर शुद्ध पेयजल, विद्युत आपूर्ति, भोजन, स्वच्छता एवं चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि एंटी-वेनम, ओआरएस, आवश्यक दवाओं एवं प्राथमिक उपचार सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। पशुपालन विभाग को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, चारे की व्यवस्था तथा टीकाकरण संबंधी तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त, संचार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु वायरलेस नेटवर्क एवं अन्य आपातकालीन संचार प्रणालियों को पूर्णतः क्रियाशील रखने पर विशेष बल दिया गया, ताकि आपदा की स्थिति में संपर्क व्यवस्था बाधित न हो।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 11 जून 2026 को जनपद के चिन्हित बाढ़ संभावित क्षेत्रों एवं घाटों पर कृत्रिम रूप से बाढ़ की स्थिति निर्मित कर मॉक ड्रिल प्रारंभ की जाएगी। इस दौरान सूचना प्राप्त होने से लेकर राहत एवं बचाव दलों की तैनाती, रेस्क्यू ऑपरेशन, चिकित्सा सहायता, राहत शिविर संचालन तथा प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की संपूर्ण प्रक्रिया का वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप परीक्षण किया जाएगा।
बैठक में जिला विकास अधिकारी नरेंद्र देव द्विवेदी, समस्त उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार, जिला कृषि अधिकारी संत लाल गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ सरदुल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।
जनपद प्रशासन का उद्देश्य मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं जनहितकारी बनाना है, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जन-धन की क्षति को न्यूनतम किया जा सके तथा राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित किया जा सके।









