
फर्रुखाबाद मोहम्मदाबाद स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा निस्तारण के लिए बनाए गए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ब्लॉक मोहम्मदाबाद की ग्राम पंचायत कन्हू याकूबपुर में लगभग दो वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से बना ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र खस्ताहाल स्थिति में पहुंच गया है।मौके पर केंद्र की चारदीवारी कई जगह से टूट चुकी है। मुख्य भवन की दीवारों और फर्श में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। परिसर में कचरा अलग करने की मशीनें और उपकरण धूल फांक रहे हैं। नेडेप, वर्मी कंपोस्ट पिट समेत अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के बाद से ही केंद्र का संचालन ठीक से नहीं हुआ और रखरखाव भी नहीं किया गया। वहां के ग्रामीणों का कहना है बरसात में यहां जलभराव हो जाता है और दुर्गंध से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, इसीलिए दो साल में ही भवन जर्जर हो गया।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में सार्वजनिक धन का दुरुपयोग न हो।फिलहाल कन्हू याकूबपुर का यह केंद्र स्वच्छता मिशन की जमीनी हकीकत बयां कर रहा है।









