
रिपोर्ट लखनऊ मंडल 2 संवाददाता राजकमल
हरदोई हरदोई मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में इंप्लांट खरीद को लेकर उठे सवालों के बाद विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रह्मप्रकाश से विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है।
आरोप है कि फ्रैक्चर के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले रॉड, प्लेट, स्क्रू और फिक्सर जैसे इंप्लांट की खरीद प्रक्रिया में अनियमितता बरती जा रही थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भर्ती मरीजों के परिजनों पर *चीलपुरवा* स्थित एक विशेष दुकान से इंप्लांट खरीदने का दबाव बनाया जाता था।
आरोप यह भी है कि उक्त दुकान के पास वेंडर लाइसेंस नहीं था और सस्ते इंप्लांट लाकर मरीजों को अधिक दामों पर उपलब्ध कराए जा रहे थे।
मरीजों के परिजनों की शिकायत है कि ऑपरेशन के लिए मोटी रकम वसूली जाती थी, लेकिन ऑपरेशन में कौन सा इंप्लांट लगाया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती थी। कुछ परिजनों ने अधिक पैसे वसूले जाने की शिकायत भी की है।
लगातार मिल रही शिकायतों, डॉक्टरों के बीच मतभेद और इंप्लांट खरीद प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
फ्रैक्चर के ऑपरेशन में हड्डी जोड़ने के लिए रॉड, प्लेट, स्क्रू और फिक्सर जैसे उपकरण लगाए जाते हैं। इन्हीं की खरीद को लेकर पूरा मामला विवादों में आया है।









