
रिपोर्ट हरदोई जिला संवाददाता सत्यम द्विवेदी
हरदोई। हरियावा थाना क्षेत्र के गांव पीपरी नेवादा में एक परिवार पर पति की मौत के बाद आर्थिक संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार का भरण-पोषण करने वाले की मौत के बाद विधवा महिला पांच छोटे बच्चों के साथ भूख और बेबसी की स्थिति में जिला अधिकारी के सामने मदद के लिए पहुंची।
पीड़ित विधवा पूनम सिंह ने बताया कि उनके पति का देहांत करीब 3 महीने पहले हो गया था। पति के जाने के बाद पूरा परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। घर में कमाने वाला कोई नहीं है और बच्चों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
पूनम सिंह ने जिला अधिकारी को बताया कि उनके पांच बच्चे हैं, लेकिन न तो किसी बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बना है और न ही किसी का आधार कार्ड बना है। परिवार के पास राशन कार्ड भी नहीं है। इसके चलते उन्हें सरकारी राशन और अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। महिला ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी अब तक नहीं मिला है।

भूख और मजबूरी से जूझ रहे परिवार ने अब शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें तत्काल सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके और परिवार को दो वक्त का भोजन मिल सके।
एक ओर सरकार की ओर से “कोई भूखा न सोए” की मुहिम चलाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर पीपरी नेवादा का यह परिवार बिना राशन, बिना आवास और बिना पहचान पत्रों के भूख और किस्मत से लड़ रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस बेसहारा परिवार की पीड़ा को कितनी जल्दी समझकर मदद का हाथ बढ़ाता है।









