
हरदोई कछौना भारत त्योहारों का देश है, जहाँ हर उत्सव दिलों को जोड़ने और खुशियाँ बांटने का जरिया बनता है। आगामी दिनों में कांवड़ यात्रा, नागपंचमी, रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ बारावफात और चेहल्लुम जैसे मुकद्दस और महत्वपूर्ण पर्व आने वाले हैं। इन सभी त्योहारों को आपसी भाईचारे, शांति और मुस्तैदी के साथ संपन्न कराने के लिए आज कछौना कोतवाली परिसर में ‘पीस कमेटी’ की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
इस बैठक की कमान संभाल रही थीं बघौली की क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रभा पटेल। बैठक में सिर्फ नियमों की बात नहीं हुई, बल्कि दिलों को जोड़ने और सुरक्षा का एक अभेद्य चक्रव्यूह तैयार करने का संकल्प भी लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए सीओ प्रभा पटेल ने बहुत ही साफ और कड़े शब्दों में संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था का उल्लास तो दिखे, लेकिन मर्यादा की सीमाएं न टूटें। ट्रैक्टरों और वाहनों पर लगने वाले डीजे की ऊंचाई निर्धारित मानक से अधिक बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि डीजे की धमक कानों को सुहाने वाली सीमा में ही रहे। अश्लील, अभद्र या किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले गीतों के प्रसारण पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। सीओ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जो भी नियमों की लक्ष्मण रेखा को पार करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कानून का डंडा सख्ती से चलेगा।
वहीं, सुरक्षा के आधुनिक ताने-बाने को मजबूत करने के लिए थानाध्यक्ष अमित सिंह ने एक बेहतरीन पहल की। उन्होंने बैठक में मौजूद सभी ग्राम प्रधानों, सभासदों और बीडीसी सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों और गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं, ताकि हर संदिग्ध गतिविधि पर नज़र रखी जा सके। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस की ‘तीसरी आँख’ बनने का आह्वान किया।
इस पीस कमेटी की बैठक की सबसे खूबसूरत तस्वीर यह रही कि इसमें कस्बे के संभ्रांत नागरिकों, हर वर्ग और हर मजहब के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सबने एक सुर में प्रशासन को यह भरोसा दिलाया कि कछौना की धरती पर गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द की बयार यूं ही बहती रहेगी।
लखनऊ मंडल ब्यूरो चीफ – अनुराग सिंह









