
कन्नौज तहसील तिर्वा में उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के मंत्री कैलाश सिंह राजपूत तथा जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की उपस्थिति में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 180 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 17 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रभावी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा निस्तारण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।

मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन को समयबद्ध और पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं का मौके पर ही प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ कार्य करने तथा पात्र लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने की अपील की।
जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण समाधान निर्धारित समय सीमा में किया जाए, ताकि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सुनवाई के दौरान नादेमऊ निवासी अनुपम ने शिकायत की कि उनकी विरासत दर्ज कराने की फाइल पिछले तीन वर्षों से लंबित है और तहसील स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित तहसीलदार को फटकार लगाई तथा प्रकरण को तहसीलदार छिबरामऊ को हस्तांतरित कर नियमानुसार शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
वहीं फरियादी राजरानी ने शिकायत की कि पति के निधन के बाद मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन करने के बावजूद खंड विकास अधिकारी उमर्दा द्वारा प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रमाण-पत्र जारी करने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में एक घंटे के भीतर प्रमाण-पत्र जारी कर फरियादी को उपलब्ध करा दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों, कर्मचारियों और उपस्थित नागरिकों को भूगर्भ जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक नागरिक को वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जल स्रोतों के संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चंद्रा, प्रभागीय वनाधिकारी हेमंत सेठ, उपजिलाधिकारी तिर्वा वैशाली सहित जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









