
कन्नौज कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) के नवीन मुख्यालय भवन के लोकार्पण कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा और सुना गया। लगभग 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक मुख्यालय प्रदेश में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को तकनीक आधारित, त्वरित, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कार्यक्रम में बताया गया कि नए मुख्यालय में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 24×7 संचालित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर) तथा आधुनिक कमांड, कंट्रोल एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं की सतत निगरानी, त्वरित सूचना आदान-प्रदान, प्रभावी समन्वय, समयबद्ध निर्णय और राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि जनपद कन्नौज में आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को पूर्ण सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही मानसून एवं संभावित आपदाओं को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने, राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन, उपकरण और मानवबल को हर समय तैयार रखने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि आपदा से संबंधित प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जाए तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की आधुनिक आपदा प्रबंधन प्रणाली का लाभ जनपद स्तर पर भी प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाया जाएगा, जिससे जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) को निर्देश दिए कि मेहंदी घाट पुल से गंगा नदी में ट्रक गिरने की घटना के दौरान साहस और मानवता का परिचय देकर लोगों की जान बचाने वाले करिया गोताखोर को 11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा अन्य सहयोगी गोताखोरों को 1,100-1,100 रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं लाइफ जैकेट देकर सम्मानित किया जाए। इसके साथ ही मेहंदी घाट स्थित अंत्येष्टि स्थल पर हाईमास्ट लाइट लगाने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित गो-आश्रय स्थलों तक पहुंचाने के अभियान को जन-अभियान का स्वरूप दिया जाए तथा अधिक से अधिक गोवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण और देखभाल की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) देवेंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी संत लाल गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सरदुल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









