
कन्नौज अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना तालग्राम, कोतवाली कन्नौज पुलिस, एसओजी एवं सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में सरकारी शिक्षक का अपहरण कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले गिरोह का सफल खुलासा किया गया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो अवैध तमंचे, चार जिंदा कारतूस, घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सदर शिल्पा वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
ऐसे हुआ था अपहरण
14 जुलाई 2026 को तिर्वा थाना क्षेत्र के ग्राम कटरा बहसार निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य देशराज सिंह ने अपने पुत्र राहुल कुमार राजपूत (31), जो सरकारी शिक्षक हैं, के स्कूल से वापस न लौटने पर गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
20 जुलाई को परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि अविनाश राजपूत, सर्वेन्द्र कुमार कुशवाहा, केशव पंडित उर्फ केशव अवस्थी और सागर ने राहुल का अपहरण कर मारपीट की तथा 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। तहरीर के आधार पर गुमशुदगी को अपहरण के मुकदमे में परिवर्तित कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने ऐसे किया खुलासा
जांच के दौरान पुलिस ने सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर घेराबंदी कर मायापुर्वा मोड़, बिरौली जंगल के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो अवैध .315 बोर तमंचे, चार जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त गोल्डन रंग की स्विफ्ट डिजायर कार (DL 2C AP 1080) बरामद हुई। कार को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है तथा आरोपियों पर आयुध अधिनियम की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
कर्ज चुकाने के लिए रची गई थी साजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अविनाश राजपूत और अपहृत शिक्षक राहुल कुमार राजपूत आपस में मित्र थे। अविनाश नोएडा में फाइनेंस कंपनी चलाता था, जहां आर्थिक नुकसान और अन्य कारणों से उस पर करीब दो करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था।
राहुल और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति तथा राहुल की मानसिक स्थिति की जानकारी होने के कारण अविनाश ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची। इसके लिए उसने अपना प्लॉट गिरवी रखकर दो लाख रुपये जुटाए और दिल्ली से सेकेंड हैंड कार खरीदी।
योजना के तहत स्कूल से लौटते समय राहुल का अपहरण कर उसे नोएडा ले जाया गया, जहां एक किराये के कमरे में बंधक बनाकर मारपीट की गई। इसके बाद अलग-अलग स्थानों से फोन कर परिजनों से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।
पुलिस की लगातार दबिश और तकनीकी निगरानी बढ़ने पर आरोपी घबरा गए और राहुल को दिल्ली के लालकुआं क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने 108 एम्बुलेंस के माध्यम से उसे अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर पुलिस ने पीड़ित को अपने संरक्षण में लेकर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया।
गिरफ्तार आरोपी
– अविनाश राजपूत निवासी ग्राम कटरा बहसार, थाना तिर्वा, जनपद कन्नौज।
– सर्वेन्द्र कुमार कुशवाहा निवासी ग्राम फगुआ लोहामढ़, थाना तिर्वा, जनपद कन्नौज।
– केशव पंडित उर्फ केशव अवस्थी निवासी अशोक नगर, थाना तिर्वा, जनपद कन्नौज।
बरामदगी
– 2 अवैध देशी तमंचे (.315 बोर)
– 4 जिंदा कारतूस (.315 बोर)
– 1 मोबाइल फोन
– घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार (DL 2C AP 1080)
संयुक्त टीम को मिली सफलता
इस कार्रवाई में कोतवाली कन्नौज, थाना तालग्राम, एसओजी और सर्विलांस टीम के अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस फरार आरोपी सागर की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।









