
कन्नौज जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के निर्देशन में भू-गर्भ जल सप्ताह-2026 के अंतर्गत राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, कन्नौज में सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से भू-गर्भ जल संरक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग का संदेश देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ आईएएस ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी वैशाली ने दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया। इस अवसर पर सहायक अभियंता (लघु सिंचाई) रामजी पटेल तथा सिविल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर ऋषभ कश्यप ने अतिथियों का स्वागत किया।
अपने संबोधन में उप जिलाधिकारी वैशाली ने कहा कि लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वर्षा जल संचयन, प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण और जल का विवेकपूर्ण उपयोग प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से जल संरक्षण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने और इसे जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यशाला में सहायक अभियंता रामजी पटेल ने भू-गर्भ जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए वर्षा जल संचयन को भू-जल स्तर बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
भू-गर्भ जल विभाग के सहायक अभियंता ने जनपद एवं तहसील स्तर पर भू-जल की वर्तमान स्थिति, जल स्तर में हो रहे परिवर्तनों तथा भू-गर्भ जल अधिनियम-2019 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने अनियंत्रित भू-जल दोहन पर रोक लगाने और जल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण पर विशेष जोर दिया।
पी.एस.एम. डिग्री कॉलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष ने जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों, वर्षा के स्वरूप तथा जल संचयन की वैज्ञानिक तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित एवं सतत उपयोग की आवश्यकता बताई।
उप कृषि निदेशक ने किसानों से ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों को अपनाने और कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीकों के प्रयोग का आह्वान किया।
जल निगम के प्रतिनिधि ने हर घर जल मिशन की उपलब्धियों एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी साझा की। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के प्रतिनिधि ने जलजनित रोगों से बचाव, स्वच्छ पेयजल के उपयोग और स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रीय जल मिशन के अंतर्गत सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। अंत में संस्थान के निदेशक प्रो. मनोज कुमार शुक्ला ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. अरुण कुमार सिंह, उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. शिम्पी सिंह जादौन, क्रय अधिकारी राजीव कुमार, करिश्मा, अब्दुल कादिर, धीरज मल, अतुल कुमार, सत्यम पाल, देवेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।









