
सीतापुर अटरिया हाईवे स्थित मऊ गांव के निकट हिंद ट्रस्ट द्वारा संचालित दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में एक साथ 26 शिक्षकों को नौकरी से हटा दिए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि शिक्षकों को 3 जुलाई को बिना किसी पूर्व सूचना और कारण बताए स्कूल से निकाल दिया गया। साथ ही मई और जून माह का वेतन भी नहीं दिया गया।
स्कूल प्रबंधन की ओर से शिक्षकों पर छात्रों की फीस को लेकर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया है। वहीं बर्खास्त शिक्षकों का कहना है कि स्कूल में करीब डेढ़ वर्ष से अकाउंटेंट का पद खाली था। प्रधानाचार्य के निर्देश पर कक्षावार शिक्षक ही छात्रों से फीस एकत्र कर उसे HR कार्यालय में जमा कराते थे। फीस से संबंधित पूरा रिकॉर्ड विद्यालय के पास मौजूद है।
प्रभावित शिक्षकों में प्रवीण बाजपेई, अमीषा पटेल, अनामिका शुक्ला, वंदना, तन्वी बाजपेयी और अमित वर्मा समेत कुल 26 शिक्षक शामिल हैं।
मामले में 11 शिक्षकों ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत भी भेजी गई है।
शिक्षकों का कहना है कि बिना नोटिस और बकाया वेतन रोके जाने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

इस पूरे मामले पर स्कूल की चेयरपर्सन डॉ. ऋचा मिश्रा ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि “सभी शिक्षकों को बर्खास्तगी से पहले पूर्व सूचना दी गई थी और उन्हें पूरी सैलरी का भुगतान भी कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि करीब 6 महीने पहले स्कूल के बस ड्राइवर ओमप्रकाश को भी बिना पूर्व सूचना के हटाया गया था। उस मामले में पीड़ित लेबर कोर्ट पहुंचा था, जहां कोर्ट द्वारा हिंद ट्रस्ट पर जुर्माना लगाए जाने की संभावना है।
फिलहाल शिक्षकों की शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।









