
सीतापुर थाना अटरिया क्षेत्र के ग्राम अहेवा निवासी नंदकिशोर राजपूत ने अटरिया पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि लोहे की सरिया से हमला और मारपीट की घटना के बावजूद उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पीड़ित का आरोप है कि वह अपनी शिकायत लेकर थाना अटरिया पहुंचा, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उसे थाने से वापस भेज दिया। न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित थाने में रोता रहा, फिर भी उसकी सुनवाई नहीं हुई।
पीड़ित नंदकिशोर राजपूत द्वारा दी गई लिखित तहरीर के अनुसार, 21 जुलाई 2026 की रात करीब 9 बजे गांव के ही राहुल यादव, अजय राजपूत और गुलशन राजपूत समेत चार लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते उसके घर पहुंचकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने लोहे की सरिया से उसके बाएं हाथ पर हमला किया और लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की।
तहरीर में बताया गया है कि शोर सुनकर बीच-बचाव के लिए पहुंची पत्नी नंदरानी के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि “दोनों को खत्म कर दो, जो होगा देखा जाएगा।”
मारपीट में पति-पत्नी दोनों को कई चोटें आईं। पीड़ित का कहना है कि उसने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी थी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के अगले दिन पीड़ित लिखित शिकायत लेकर थाना अटरिया पहुंचा, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की और उसे थाने से भगा दिया। पीड़ित का कहना है कि वह काफी देर तक न्याय की गुहार लगाता रहा, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित ने उच्च पुलिस अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा अटरिया पुलिस की कार्यशैली की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।









